ऋण-जमा अनुपात सुधारने को लेकर मुख्यमंत्री ने बैंकर्स को दिए कड़े निर्देश
उत्तराखंड(देहरादून),गुरुवार 09 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में ऋण-जमा (सीडी) अनुपात बढ़ाने के लिए कम प्रदर्शन वाले जिलों में नियमित शिविर आयोजित करने और पात्र लोगों को समयबद्ध तरीके से ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने गुरुवार को सचिवालय में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 97वीं बैठक में बैंकिंग सेवाओं, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन और विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य के आर्थिक विकास में बैंकिंग क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बैंकों से किसानों, युवाओं, महिलाओं, उद्यमियों और आम लोगों तक ऋण की पहुंच आसान बनाने को कहा।
मुख्यमंत्री ने बागेश्वर, पौड़ी, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और टिहरी जिलों में कम ऋण-जमा अनुपात पर चिंता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन, लीड बैंक और संबंधित विभागों के समन्वय से नियमित शिविर लगाने तथा पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य का ऋण-जमा अनुपात राष्ट्रीय औसत तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई नहीं होनी चाहिए। यदि आवेदन में कोई कमी हो तो उसे तकनीकी आधार पर निरस्त करने के बजाय संबंधित व्यक्ति का मार्गदर्शन कर कमियां दूर कराई जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में वार्षिक ऋण योजना के तहत लगभग 96 प्रतिशत और एमएसएमई क्षेत्र में 111 प्रतिशत उपलब्धि राज्य की आर्थिक प्रगति का संकेत है। उन्होंने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना-2.0, वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना, होम-स्टे योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
उन्होंने कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, पर्यटन और स्थानीय उत्पादों पर आधारित उद्यमों के लिए बैंकिंग सहयोग बढ़ाने तथा डिजिटल बैंकिंग और डिजिटल भुगतान को गांव-गांव तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने साइबर ठगी की रोकथाम के लिए हेल्पलाइन 1930 से भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधियों को जोड़ने का सुझाव दिया, ताकि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई हो सके। उन्होंने एसएलबीसी की बैठक से पहले उप समिति की नियमित बैठक आयोजित करने तथा स्वरोजगार, लघु उद्योग और एमएसएमई क्षेत्र में ऋण प्रवाह बढ़ाने पर भी बल दिया।
इस अवसर पर डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव दिलीप जावलकर, नितेश झा, डॉ बी.वी. आर. सी पुरुषोत्तम, विनय शंकर पाण्डेय, एस.एन. पाण्डेय, श्रीधर बाबू अदांकी, धीराज गर्ब्याल, क्षेत्रीय निदेशक भारतीय रिजर्व बैंक अरविन्द कुमार, मुख्य महाप्रबंधक हर्ष कुमार गौतम, महा प्रबंधक नाबार्ड पंकज यादव, अध्यक्ष इन्डस्ट्रीज एसोसियेशन ऑफ उत्तराखंड पंकज गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक नई दिल्ली प्रभास बोस, महाप्रबंधक शैलेश कुमार, उप महाप्रबन्धक एसबीआई देहरादून राजीव रंजन, उप महाप्रबन्धक एसबीआई हल्द्वानी राजीव रंजन रतन, सहायक महाप्रबन्धक, एस.एल.बी.सी. उत्तराखंड शैलेन्द्र कुमार उनियाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।