भाजपा का एससी/एस टी सम्मेलन केवल ढोंग : गरिमा दसौनी - Shaurya Mail

Breaking News
जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार, देहरादून में महिला कल्याण विभाग के अंतर्गत मिशन वात्सल्य योजना की जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति (डीसीडब्ल्यूपीसी) की समीक्षा बैठक आयोजित कीअब बस से स्कूल आएंगे अपने आधुनिक इंटेसिव केयर संेटर के बच्चे; एक बस व इंटेंसिव केयर सेंटर में नव निर्मित डॉरमेट्री का डीएम ने किया उद्घाटनजल स्रोतों के पुनर्जीवन पर फोकस, सीडीओ ने दिए समन्वित कार्ययोजना के निर्देशएडिफाई वर्ल्ड स्कूल में उत्तराखंड पक्षी प्रदर्शनी का भव्य आयोजन कियाडीएम की सख्ती से जिले में 64 पूर्णतः निर्जीर्ण विद्यालय भवनों में से 56 ध्वस्त, शेष पर कार्रवाई जारी

भाजपा का एससी/एस टी सम्मेलन केवल ढोंग : गरिमा दसौनी

 भाजपा का एससी/एस टी सम्मेलन केवल ढोंग : गरिमा दसौनी

उत्तराखंड(देहरादून),गुरुवार 02 नवंबर 2023

उत्तराखंड भाजपा का लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आने वाले दिनों में विभिन्न स्तर पर एससी एसटी सम्मेलन आयोजित किए जाने को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने कटाक्ष किया है।

दसौनी ने कहा जब अल्मोड़ा जिले के सल्ट में अंतरजातीय विवाह करने की वजह से दलित समाज के जगदीश की 27 हड्डियां तोड़कर और सिर हथौड़े से मार कर हत्या की जा रही थी, उस वक्त सरकार और संगठन दोनों मौन क्यों थे? उन्होंने कहा कि उत्तराखंड भाजपा संगठन उस वक्त भी चुप्पी साधे रहा जब उत्तरकाशी के मोरी जिले में 19 वर्षीय दलित समुदाय के आयुष को रात भर कोयले से मात्र इसलिए जलाया गया कि उसने दलित समाज में जन्म लेने के बावजूद एक मंदिर में प्रवेश कर दिया था।

दसोनी ने कहा आज बाबा साहब भीमराव आम्बेडकर के निर्मित भारत के संविधान के साथ जिस तरह से भाजपा छेड़छाड़ कर रही है और प्रस्तावना एवं समस्त अध्ययन की किताबों में भी इंडिया की जगह पर भारत शब्द जोड़ने का निर्णय ले चुकी है, वह इस बात का द्योतक है कि भाजपा के मन में कभी ना आम्बेडकर के लिए सम्मान था ना संविधान के लिए और ना ही अनुसूचित जाति जनजाति के लिए। यह बात दलित समाज भी जानता है कि उन्हें भाजपा सिर्फ वोट बैंक की दृष्टि से देखती रही है।

दसौनी ने कहा कि जिस तरह से जोर-शोर से भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व कांग्रेस के प्रस्तावित जाति जनगणना का विरोध कर रही है, वह भी इस बात का प्रतीक है कि भाजपा दलित समाज को अग्रणी भूमिका या मुख्य धारा में देखना ही नहीं चाहता। ऐसा प्रतीत होता है उत्तराखंड भाजपा लोकसभा चुनाव में पार्टी की होने वाली हार से बुरी तरह घबरा गई है, इसीलिए कभी पंच महेश्वर सम्मेलन तो कभी महिला मोर्चा के द्वारा मातृशक्ति का सम्मान तो कभी हारी हुई 23 विधानसभाओं में सांसदों को प्रवास पर भेजने का कार्यक्रम बनाया जा रहा है,तो कभी 75000 युवाओं को पार्टी से जोड़ने का संकल्प लिया जा रहा।

चुनाव के समय भाजपा को कभी महिलाओं की याद आ रही है तो कभी युवाओं की। अब अनुसूचित जाति जनजाति की। भाजपा संगठन भूल गया है की जिस वक्त युवा सड़कों पर नौकरी मांगने के लिए उतरे उस वक्त भाजपा की प्रदेश सरकार ने उनके ऊपर लाठियां भांजने का काम किया और आज वह 75000 युवाओं को पार्टी से जोड़ने का मुंगेरीलाल का सपना देख रही है जो कभी पूरा नहीं होगा।

Rakesh Kumar Bhatt

https://www.shauryamail.in

Related post

error: Content is protected !!