योग भारत की आत्मा और सनातन संस्कृति की शाश्वत चेतना : राज्यपाल - Shaurya Mail

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योग भारत की आत्मा और सनातन संस्कृति की शाश्वत चेतना : राज्यपाल

 योग भारत की आत्मा और सनातन संस्कृति की शाश्वत चेतना : राज्यपाल

उत्तराखंड(नैनीताल),रविवार 21 जून 2026

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने रविवार को लोक भवन में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए कहा कि योग भारत की आत्मा, हमारी संस्कृति का प्राण और सनातन सभ्यता की शाश्वत चेतना है। उन्होंने कहा कि योग को व्यक्ति से परिवार, परिवार से समाज और समाज से विश्व कल्याण की महायात्रा का माध्यम बनाना होगा।

राज्यपाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भारत की सनातन संस्कृति, ऋषि परंपरा और आध्यात्मिक चेतना के वैश्विक उत्कर्ष का महापर्व है तथा आज पूरा विश्व भारत की उस ज्ञान परंपरा को सम्मान दे रहा है, जिसने मानवता को स्वास्थ्य, संतुलन, शांति और आत्मबोध का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि योग शरीर, मन, बुद्धि, आत्मा और परमात्मा के दिव्य मिलन का सेतु है तथा संतुलित और सार्थक जीवन का विज्ञान है। राज्यपाल ने कहा कि हिमालय की तपोभूमि उत्तराखंड प्राचीन काल से योग, ध्यान और आध्यात्मिक साधना का केंद्र रही है तथा यहां से प्राप्त ज्ञान ने मानवता को आत्मोन्नति का मार्ग प्रदान किया है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि योग आज वैश्विक जनआंदोलन बन चुका है और संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को मान्यता मिलना भारत की सांस्कृतिक शक्ति का सम्मान है। उन्होंने कहा कि योग प्रकृति के साथ सामंजस्य, संयमित जीवन, पर्यावरण संरक्षण और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः’ की भावना को साकार करता है। राज्यपाल ने सभी लोगों से योग को अपने जीवन का संस्कार, परिवार की परंपरा और राष्ट्र निर्माण का आधार बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में कुमाऊँ विश्वविद्यालय के योग विभाग के विद्यार्थियों ने योगाभ्यास और लयबद्ध योग की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर परिसहाय राज्यपाल अमित श्रीवास्तव, सुमित कुमार शादिजा, संयुक्त निदेशक सूचना डॉ. नितिन उपाध्याय, कंट्रोलर प्रमोद चमोली सहित लोक भवन के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

Rakesh Kumar Bhatt

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