युवाओं की प्रतिभा और मेहनत से साकार होगा विकसित भारत का संकल्प : मुख्यमंत्री धामी
उत्तराखंड(देहरादून),गुरुवार 22 अक्टूबर 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को कहा कि युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन से वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प साकार होगा। उन्होंने युवाओं से नौकरी पाने तक सीमित न रहने, बल्कि स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से रोजगार देने वाला बनने का आह्वान किया।
बिधौली स्थित यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री धामी ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह उनके जीवन के नए अध्याय की शुरुआत है।विश्वविद्यालय से निकलने के बाद उन्हें जीवन की वास्तविक चुनौतियों का सामना करना होगा। ऐसे में सफलता के लिए मेहनत, लगन और निरंतर सीखने की भावना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति की असली पहचान उसके व्यवहार, विनम्रता और संस्कारों से होती है। दूसरों की सहायता करने और अच्छे कार्यों से जीवन में वास्तविक खुशी एवं संतुष्टि मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और क्षमताओं का उपयोग समाज तथा देश की प्रगति के लिए करने की अपील की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छह विद्यार्थियों को सिल्वर प्लेट पुरस्कार से सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है। इसे हासिल करने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। यूपीईएस से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश-विदेश में अपनी प्रतिभा और उपलब्धियों से उत्तराखंड सहित देश का नाम रोशन करेंगे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय कृत्रिम मेधा (एआई), डेटा विज्ञान, हरित ऊर्जा और डिजिटल प्रौद्योगिकी का है। राज्य सरकार उत्तराखंड को शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए काम कर रही है। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है। आधुनिक शिक्षा के साथ सांस्कृतिक विरासत और जीवन मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की स्थापना की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए देहरादून में साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है। प्रदेश में स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं, ताकि युवा उद्यमिता के माध्यम से रोजगार के अवसर पैदा कर सकें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। पिछले पांच वर्षों में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से प्रदेश के 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। सरकार युवाओं को योग्यता और मेहनत के आधार पर आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में आयोजित निबंध प्रतियोगिता का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लेकर विभिन्न विषयों पर अपने विचार और सुझाव दिए। इससे युवाओं की सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों के प्रति जागरूकता का पता चलता है।
विश्वविद्यालय के 24वें दीक्षांत समारोह में इस वर्ष कुल 4,795 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जा रही हैं। इनमें नियमित पाठ्यक्रमों के 3,806 और यूपीईएस ऑनलाइन के 989 विद्यार्थी शामिल हैं। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं भी दीं।
इस अवसर पर यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, यूपीईएस के अध्यक्ष डॉ. राम के. शर्मा, कुलपति डॉ. सुनील राय, प्रो-वाइस चांसलर मनीष मदान सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी और विद्यार्थी मौजूद रहे।