मुख्यमंत्री ने किया श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण - Shaurya Mail

Breaking News
अन्तारा सीनियर लीविंग पुरुकुल में “विरासत-2026” ने किया स्वर्गीय राजा रणधीर सिंह को याद, बहुत ही नम आंखों से दी गई श्रद्धांजलिद हैरिटेज स्कूल में धूमधाम से मना 73वां वार्षिक वाइब्स कार्यक्रम, नन्हे-मुन्नों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने मोहा मनराष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन भगवत प्रसाद मकवाना से मिला अखिल भारतीय अनुसूचित जाति युव जन समाज का प्रतिनिधिमंडल, सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान पर हुई चर्चाघरेलू गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग एवं अवैध रिफिलिंग के विरुद्ध जनपद में सघन अभियान जारीमुख्यमंत्री ने खटीमा में सुनीं जनसमस्याएं, त्वरित निस्तारण के निर्देश

मुख्यमंत्री ने किया श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण

 मुख्यमंत्री ने किया श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण

उत्तराखंड(देहरादून),बुधवार 01 अप्रैल 2026

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को देहरादून स्थित रेंजर्स ग्राउंड पर विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में सम्मिलित हुए। उन्होंने उपस्थित संतजनों, श्रद्धालुओं एवं नागरिकों का अभिनंदन करने के बाद श्रीमद्भागवत कथा को सुना।

इस माैके पर मुख्यमंत्री कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे आध्यात्मिक आयोजनों में सम्मिलित होना जीवन का अत्यंत सौभाग्यपूर्ण क्षण होता है। उन्होंने संतों के सानिध्य और उनके मार्गदर्शन को जीवन के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि ऐसे अवसर व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति और आत्मिक शांति की ओर अग्रसर करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कथा व्यास ‘धर्मरत्न’ परमपूज्य देवकीनंदन ठाकुर के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके जीवन को भक्ति, साधना और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराज ने अल्पायु में ही श्रीमद्भागवत महापुराण को कंठस्थ कर समाज को आध्यात्मिक दिशा देने का कार्य प्रारंभ कर दिया था, जो अत्यंत प्रेरणादायक है। मुख्यमंत्री कहा कि महाराज का अनुशासन और तपस्या समाज के लिए अनुकरणीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से किए जा रहे सेवा कार्य मानवता के कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विशेष रूप से “प्रियाकांत जू विद्या धन योजना” के माध्यम से बेटियों की शिक्षा के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं और समाज को नई दिशा प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने श्रीमद्भागवत महापुराण को आध्यात्मिक चेतना का आधार बताते हुए कहा कि यह ग्रंथ भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और धर्म का समन्वय प्रस्तुत करता है।

Rakesh Kumar Bhatt

https://www.shauryamail.in

Related post

error: Content is protected !!