दुखःहरण मंदिर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनायी गयी हनुमान जयंती - Shaurya Mail

Breaking News
चारधाम यात्रा मार्गों पर मानसून से पहले करें भूस्खलन का ट्रीटमेंट : मुख्य सचिवअनुरोध के आधार पर होंगे शिक्षकों के स्थानांतरण, शिक्षा मंत्री ने दिए निर्देशजिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार, देहरादून में महिला कल्याण विभाग के अंतर्गत मिशन वात्सल्य योजना की जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति (डीसीडब्ल्यूपीसी) की समीक्षा बैठक आयोजित कीअब बस से स्कूल आएंगे अपने आधुनिक इंटेसिव केयर संेटर के बच्चे; एक बस व इंटेंसिव केयर सेंटर में नव निर्मित डॉरमेट्री का डीएम ने किया उद्घाटनजल स्रोतों के पुनर्जीवन पर फोकस, सीडीओ ने दिए समन्वित कार्ययोजना के निर्देश

दुखःहरण मंदिर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनायी गयी हनुमान जयंती

 दुखःहरण मंदिर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनायी गयी हनुमान जयंती

उत्तराखंड(हरिद्वार),मंगलवार 14 नवम्बर 2023

श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के सचिव महंत महेश पुरी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त हनुमान अपने भक्तों की सदैव रक्षा करते हैं। बजरंगबली का स्मरण करने मात्र से ही संकट समाप्त हो जाते हैं।

बिरला घाट स्थित दुखःहरण हनुमान मंदिर में आयोजित हनुमान जयंती महोत्सव के दौरान संत सम्मेलन को संबोधित करते हुए महंत महेश पुरी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म विश्व का सबसे प्राचीन धर्म है और संत महापुरुषों ने सनातन धर्म संस्कृति के संरक्षण संवर्द्धन में हमेशा अहम भूमिका निभायी है।

महंत महाकाल गिरी ने कहा कि मानव कल्याण के लिए जीवन समर्पित करने वाले संत महापुरुषों के सानिध्य में ही भक्तों के कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान की पूजा आराधना करने से समस्त संकट दूर हो जाते हैं। परिवार में सुख समृद्धि का वास होता है। गौ गंगा धाम सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामी निर्मल दास महाराज ने कहा कि लंका युद्ध के दौरान रावण की कैद से समस्त ग्रहों को आजाद कराने वाले वीर बजरंग बली की आराधना की कृपा से समस्त ग्रह दोष दूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि महावीर हनुमान सदैव भक्तों का कल्याण करते हैं।

जूूना अखाड़े के सचिव महंत शैलेंद्र पुरी व थानापति परमानन्द गिरी महाराज ने कहा सनातन धर्म संस्कृति की अनूठी परम्पराओं को आज पूरी दुनिया के लोग अपना रहे हैं।

इस अवसर पर महंत रघुवीर दास, महंत गोविंद दास, स्वामी रविदेव शास्त्री, महंत बिहारी शरण, महंत विष्णुदास, महंत दुर्गादास, स्वामी दिनेश दास, महंत पूर्ण गिरी, महंत राघवेंद्र दास, महंत हरिदास, महंत प्रमोद दास, महंत सुतिक्ष्ण मुनि सहित अनेक संत महापुरूष मौजूद रहे।

Rakesh Kumar Bhatt

https://www.shauryamail.in

Related post

error: Content is protected !!