राजकीय भूमि एवं परिसंपत्तियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त
उत्तराखंड(देहरादून),गुरुवार 07 अक्टूबर 2026
विभिन्न विभागों की राजकीय/शासकीय भूमि एवं परिसंपत्तियों की सुरक्षा एवं संरक्षा सुनिश्चित करने तथा उन पर होने वाले अतिक्रमण को प्रभावी रूप से रोकने एवं हटाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निरंतर कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान के निर्देशानुसार जनपद में विभिन्न विभागों से संबंधित भूमि एवं परिसंपत्तियों की Geo Referencing, मैपिंग एवं Verification का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
इस संबंध में अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की राजकीय/शासकीय भूमि एवं परिसंपत्तियों की वर्तमान स्थिति, Geo Referencing एवं मैपिंग कार्य की प्रगति तथा Verification की स्थिति की समीक्षा की गई।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग अपने-अपने अधीन आने वाली समस्त राजकीय भूमि एवं परिसंपत्तियों का Geo Referencing एवं Verification कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि राजकीय भूमि एवं परिसंपत्तियों का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से इनके सीमांकन, निगरानी एवं संरक्षण में प्रभावी मदद मिलेगी तथा भविष्य में अतिक्रमण की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद में विभिन्न विभागों की कुल 12,127 चिन्हित परिसंपत्तियों के सापेक्ष अब तक 6,219 परिसंपत्तियों की मैपिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इस प्रकार जनपद में कुल चिन्हित परिसंपत्तियों के सापेक्ष लगभग 51 प्रतिशत मैपिंग कार्य पूर्ण हो चुका है।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने शेष परिसंपत्तियों की मैपिंग एवं Geo Referencing कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने विभागवार प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा जिन परिसंपत्तियों का मैपिंग एवं Verification कार्य अभी लंबित है, उसे प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि राजकीय/शासकीय भूमि एवं परिसंपत्तियां सरकार की महत्वपूर्ण परिसंपत्तियां हैं। इनकी सुरक्षा एवं संरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। परिसंपत्तियों का अद्यतन डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से उनकी वास्तविक स्थिति, सीमाएं एवं स्थान संबंधी जानकारी सुरक्षित रहेगी और अतिक्रमण जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
बैठक में जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी एस.के. गिरी सहित नगर निगम एवं विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।