रामलीला मैदान, डंडा लखौड़ में आयोजित हुआ विराट हिंदू सम्मेलन
उत्तराखंड(देहरादून),रविवार 22 फरवरी 2026
हिंदुत्व कोई जाति, पंथ, संप्रदाय या मजहब नहीं है हिंदू तो एक जीवन शैली है जो पूरी दुनिया को सिखाती है कि प्रेम आवश्यक है। जो पूरी दुनिया को सिखाती है कि “अहिंसा परमो धर्मः” लेकिन वह यह भी सिखाती है कि “धर्म हिंसा तथैव च” यदि धर्म की रक्षा के लिए हिंसा करनी पड़े तो करनी चाहिए।
उक्त बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर रविवार को सहस्त्रधारा रोड स्थित रामलीला मैदान, डंडा लखौड़ वार्ड नंबर 60 में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि विश्व सनातन महापीठ के पीठाधीश्वर तीर्थाचार्य राम विशाल दास जी महाराज ने कही। उन्होंने कहा कि आज हिंदू सशक्त हुआ है तो बहुत सारे लोगों को इससे समस्या उत्पन्न हो गई है, वह फड़फड़ा रहे हैं, बिलबिला रहे हैं लेकिन यही समय है और सही समय है। यदि आज भी हम नहीं जागे तो जिस प्रकार हम अफगानिस्तान, पाकिस्तान, ईरान, तुरान और उज़्बेकिस्तान से समाप्त हुए हैं उसी प्रकार हम यहां से भी समाप्त हो जायेंगे।
पीठाधीश्वर तीर्थाचार्य राम विशाल दास ने कहा कि आज हम कितने भी हाथी घोड़े मकान दुकान जेवर ज्यादा और संपत्ति जोड़ने यह आपके काम आने वाली नहीं है और नहीं आपकी पीढ़ियों के काम आने वाली है। आज आवश्यकता है अपनी पीढ़ी को संस्कार देने की और मैंकाले की शिक्षा से बचने की। कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने हिंदू समरसता और संगठित हिंदू एकता को मज़बूत बनाने का आह्वान करते हुए सभी को एकजुट होकर अपने धर्म की रक्षा करने का संदेश दिया।
सम्मेलन के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति, गणेश वंदना, अतिथि स्वागत गीत, महिलाओं द्वारा लव जिहाद पर आधारित नुक्कड़ नाटक की शानदार प्रस्तुति ने समाज को हिन्दू एकता का बड़ा संदेश देने का काम किया। कार्यक्रम में छोटे-छोटे बच्चों कि सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर अतिथियों के द्वारा प्रतिभागी को सम्मानित किया गया। इस दौरान सामुहिक सामाजिक समरसता भोज का आयोजन भी किया गया।
हिन्दू सम्मेलन में कार्यक्रम संयोजक और वार्ड नंबर 60 के पार्षद अभिषेक पंत, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के किशोर नौटियाल कार्यक्रम अध्यक्ष जे. पी. नौटियाल, डॉ अनुज सिंह, दिनेश पंत, नगर संघ चालक महेंद्र, धर्मराज, निरंजन, कुंवर, पंकज, राकेश, संतोष, रतन, जीवेश, जनार्दन, कमल पंत व अन्य सभी लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रमोद कुमार दीक्षित ने किया।