हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित भव्य विरासत महोत्सव-2026 का सेकेंड लास्ट-डे हुआ भरपूर संगीतमय - Shaurya Mail

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हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित भव्य विरासत महोत्सव-2026 का सेकेंड लास्ट-डे हुआ भरपूर संगीतमय

 हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित भव्य विरासत महोत्सव-2026 का सेकेंड लास्ट-डे हुआ भरपूर संगीतमय

उत्तराखंड(देहरादून),गुरुवार 05 नवंबर 2026 

हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र नींबूवाला में आयोजित किए जा रहे भव्य विरासत महोत्सव-2026 में आज का दिन सेकेंड लास्ट-डे का रहा। गुरुवार को इस भव्य मेले में जहां अनोल चटर्जी के संगीत से विरासत की महफिल गुलो-गुलज़ार हो उठी, वहीं अन्य शास्त्रीय संगीत के सुप्रसिद्ध कलाकारों ने अपनी-अपनी खूबसूरत प्रस्तुतियां देकर विरासत के आलीशान मंच को खुशबूदार बना डाला। उन्होंने प्रस्तुति की शुरुआत राग यमन से की, जिसके बाद ठुमरी, दादरा और भजन प्रस्तुत किए।

प्रस्तुति में तबले पर शुभ महाराज, हारमोनियम पर पंडित धर्मनाथ मिश्रा और तानपुरे पर सिद्धांत प्रुथी ने संगत की। कलाकारों के बीच सुर और ताल का सुंदर सामंजस्य देखने को मिला।

विश्व विख्यात सांस्कृतिक लोक कलाकार अनोल चटर्जी के हिंदुस्तानी संगीत का अद्भुत एवं रोचक जादू सम्पूर्ण विरासत के सिर पर चढ़ कर आज ख़ूब बोला I उनके मधुर संगीत ने सभी मेहमानों को महफ़िल में जमा दिया और वहां से उठने ही नहीं दिया।

हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक, संगीतकार, संगीत निर्देशक व शिक्षक अनोल चटर्जी भारत के एक प्रतिष्ठित हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक हैं और पद्मभूषण पंडित अजय चक्रबर्ती के प्रमुख शिष्य हैं। उन्होंने विश्वनाथ चौधरी, स्वर्गीय अजीत चक्रबर्ती, श्रीमती चंदना चक्रबर्ती और शांतनु भट्टाचार्य से भी संगीत की शिक्षा प्राप्त की है। एक कुशल कलाकार के रूप में अनोल ने भारत-भर के कई प्रतिष्ठित संगीत समारोहों और सम्मेलनों में प्रस्तुति दी है, जिनमें आईटीसी एसआरए संगीत सम्मेलन, केसरबाई केरकर संगीत समारोह, स्वर मंगेश महोत्सव, संगीत नाटक अकादमी कॉन्सर्ट, आईसीसीआर न्यू होराइजन कॉन्सर्ट, विरासत महोत्सव और अन्य शामिल हैं। उन्होंने अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, स्कॉटलैंड, जर्मनी, नीदरलैंड, दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश का व्यापक दौरा किया है, जहां उन्होंने विश्व भर के श्रोताओं के सामने भारतीय शास्त्रीय और हल्का शास्त्रीय संगीत प्रस्तुत किया है।

उन्होंने फेलुदा वेब सीरीज़ ‘रॉयल बंगाल रहस्य’ और ‘बेलूर मठ’ जैसी कई प्रस्तुतियों के लिए पार्श्व गायक के रूप में भी काम किया है। डॉक्यूमेंट्री ‘योगिराज श्यामचरण लाहिड़ी’ के लिए उनके संगीत निर्देशन को व्यापक सराहना मिली है।

संगीत के प्रति समर्पित अनोल वर्तमान में कोलकाता के श्रुतिनांदन स्कूल के कार्य वाहक प्रधानाचार्य हैं। उनके यूट्यूब चैनल के 70,000 से अधिक सब्सक्राइबर हैं और यह दुनिया भर के संगीत प्रेमियों तक पहुंचता है। उनके अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन कार्यशालाओं में नियमित रूप से 20 से अधिक देशों के प्रतिभागी शामिल होते हैं।

उनके पहले एल्बम ‘न्यू सिग्नेचर’ का उद्घाटन दिग्गज उस्ताद जाकिर हुसैन ने किया था। पंडित रवि शंकर, उस्ताद अमजद अली खान और अरिजीत सिंह ने भी उनकी कला की सराहना की है। उनको कई प्रमुख सम्मान भी मिल चुके हैं जिनमें आदित्य बिड़ला कला किरण पुरस्कार, 2017, ⁠श्रुतिनंदन पुरस्कार,

युवा कलाकारों के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति, भारत सरकार ⁠’ए’ ग्रेड कलाकार, ऑल इंडिया रेडियो, सूचीबद्ध कलाकार, आईसीसीआर, भारत सरकार के अलावा विजेता, डोवर लेन संगीत प्रतियोगिता 2003, प्रथम श्रेणी में प्रथम, खयाल में मास्टर्स, रवींद्र भारती विश्वविद्यालय पुरस्कार, ⁠पूर्व स्कॉलर तथा आईटीसी संगीत रिसर्च अकादमी पुरस्कार शामिल हैं।

Rakesh Kumar Bhatt

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