मां वाराही धाम आस्था, संस्कृति और धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा : मुख्यमंत्री धामी
उत्तराखंड(चम्पावत),शनिवार 16 मई 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को जनपद चम्पावत स्थित ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध मां वाराही शक्तिपीठ धाम पहुंचकर मंदिर के नवनिर्माण एवं विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि मां वाराही धाम आने वाले समय में आस्था, संस्कृति और धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां वाराही धाम केवल श्रद्धा का केंद्र नहीं,बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि धाम का विकास इसकी पौराणिक गरिमा और मूल स्वरूप को अक्षुण्ण रखते हुए किया जाएगा,ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं के साथ दिव्य आध्यात्मिक अनुभूति भी प्राप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के सुनियोजित विकास के माध्यम से उत्तराखंड को आध्यात्मिक पर्यटन की वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। माँ वाराही धाम के भव्य पुनर्निर्माण से न केवल क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री धामी ने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
लगभग 15 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मंदिर का भव्य पुनर्निर्माण कार्य चार खाम सात थोक एवं मां वाराही शक्तिपीठ ट्रस्ट द्वारा आगामी दो से तीन वर्षों में पूरा किया जाएगा। मंदिर निर्माण में राजस्थान के विशेष नक्काशीदार पत्थरों का उपयोग किया जाएगा, जबकि मंदिर की स्थापत्य कला और शिल्प कार्य गुजरात के विशेषज्ञ कारीगरों की देखरेख में संपन्न होंगे।
निरीक्षण के दौरान जगदीश चंद्र गहतोड़ी ‘नवनीत’ ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत संचालित निपुण भारत अभियान से संबंधित अपनी पुस्तक ‘निपुण का संगीत’ मुख्यमंत्री को भेंट की।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, ट्रस्ट पदाधिकारी एवं अधिकारी उपस्थित रहे।