मतदान केवल अधिकार नहीं, नागरिकों का संवैधानिक कर्तव्य : राज्यपाल
उत्तराखंड(देहरादून),सोमवार 26 जनवरी 2026
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने कहा कि मतदान केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक और संवैधानिक कर्तव्य है। लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जागरूक और सक्रिय नागरिकों में निहित है।
राज्यपाल रविवार को यहां लोक भवन में 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले राज्यपाल नेदीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और उपस्थित नागरिकों को मतदाता शपथ दिलाई। इस अवसर पर निर्वाचन कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चम्पावत और बागेश्वर के जिलाधिकारियों को सम्मानित किया गया। प्री-एसआईआर के दौरान उत्कृष्ट कार्य के लिए ईआरओ रुड़की, खटीमा और चकराता को भी सम्मान प्रदान किया गया। इसके साथ ही राज्यपाल ने कार्यक्रम में स्टेट आइकॉन पद्मश्री बसंती बिष्ट, ओलंपियन मनीष रावत और नुंग्शी मलिक को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके देहरादून जनपद के नवपंजीकृत मतदाताओं को मतदाता पहचान पत्र प्रदान किए गए।
राज्यपाल ने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जागरूक और सक्रिय नागरिकों में निहित है। उन्होंने इस वर्ष की थीम “मेरा भारत–मेरा वोट” का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक वोट देश के भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब हर नागरिक मतदान करता है, तब लोकतंत्र और अधिक सशक्त बनता है। राज्यपाल ने भारत निर्वाचन आयोग की सराहना करते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया के लिए आयोग, निर्वाचन अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षाबलों के प्रयासों की प्रशंसा की। कार्यक्रम में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव निर्वाचन दिलीप जावलकर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
स्टेट अवार्ड से सम्मानित अधिकारी
प्रतीक जैन (जिलाधिकारी, रुद्रप्रयाग), प्रशांत आर्य (जिलाधिकारी, उत्तरकाशी), मनीष कुमार (जिलाधिकारी, चम्पावत), आकांक्षा कोंडे (जिलाधिकारी, बागेश्वर), दीपक रामचंद्र (संयुक्त मजिस्ट्रेट, रुड़की), तुषार सैनी (उप जिलाधिकारी, खटीमा) और प्रेम लाल (उप जिलाधिकारी, चकराता) के नाम शामिल हैं।