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यूसर्क ने 13 युवा महिला वैज्ञानिकों को किया सम्मानित

 यूसर्क ने 13 युवा महिला वैज्ञानिकों को किया सम्मानित

महिलाओं के माध्यम से संस्कारित शिक्षा को आने वाली पीढ़ियों में संचारित करने की आवश्यकता है: कुसुम कंडवाल

उत्तराखंड(देहरादून),गुरुवार 23 नवम्बर 2023

उत्तराखण्ड विज्ञान शिक्षा व अनुसंधान केन्द्र (यूसर्क) की ओर से बुधवार को महिला वैज्ञानिक काॅनक्लेव 2023-24 का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 13 युवा महिला वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया।

देहरादून स्थित आई.आर.डी.टी. सभागार में महिला वैज्ञानिक काॅनक्लेव-2023 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा कुसुम कण्डवाल ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं को लैंगिक समानता के अधिकार प्राप्त हो रहे हैं। आज महिलाओं के माध्यम से संस्कारित शिक्षा को आने वाली पीढ़ियों में संचारित करने की आवश्यकता है, जिससे समाज जीवन की बुराइयों को दूर किया जा सकेगा।

यूसर्क की निदेशक प्रो. अनीता रावत ने अतिथियों का स्वागत करते हुए महिला वैज्ञानिक काॅनक्लेव के आयोजन सम्बन्धी भूमिका के बारे में विस्तार से बताया।

प्रो. रावत ने कहा कि किसी भी समाज के सतत्, समग्र और समन्वित विकास हेतु महिलाओं की भागीदारी आवश्यक है। हमारा ये प्रयास है कि विज्ञान का सामाजिक सरोकारों से सामंजस्य और परम्परागत ज्ञान का समावेश हो।

उन्होंने कहा कि यूसर्क की ओर से एक ऐसा प्लेटफार्म देने का प्रयास किया गया है जहां पर महिलाएं विचार करें, नवाचार करें, प्रदर्शित करें, एडवांसमेंट और संस्टेनेबल समाधान की ओर बढ़े। इस काॅनक्लेव का उद्देश्य है कि इनक्लूसिव और इक्टिेबल क्वालिटी एजुकेशन, जेन्डर इक्वेलिटी और महिलाओं एवं बलिकाओं के इम्पावरमेंट को प्रोत्साहित किया जाये।

कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध् भौतिक शास्त्री प्रो. जे.एम.एस.राणा ने कहा कि आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के साथ परम्परागत भारतीय विज्ञान का समावेश करके हम अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करते हुए विभिन्न समस्याओं का समाधान प्रस्तुत कर सकते हैं।

उन्होंने प्रसिद्ध् भारतीय भौतिक शास्त्री सर सी.वी. रमन, सर जगदीश चन्द्र बसु आदि वैज्ञानिकों के द्वारा किये गये कार्यों से शिक्षा प्राप्त करते हुए आगे बढ़ने को कहा।

कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि उत्तराखण्ड पलायन आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एस.एस.नेगी ने कहा कि महिलाओं की भूमिका सामाजिक एवं आर्थिक दोनों क्षेत्रों में बहुत महत्वपूर्ण है। उत्तराखण्ड राज्य की महिलाएं राज्य के सतत विकास एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

अति विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (आईआईपी) के निदेशक, डॉ हरेन्द्र सिंह बिष्ट ने कहा कि आज भारतीय महिलाएं विज्ञान के क्षेत्र में बहुत अच्छे परिणामों के साथ आगे बढ़ रही हैं। आज महिलाएं बायोफ्यूल्स एवं कार्बन फुटप्रिंट के क्षेत्र में हो रहे शोध, अनुसंधान एवं नवाचार में विशेष कार्य करते हुए आगे बढ़ रही हैं।

कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक डॉ ओम प्रकाश नौटियाल एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ मन्जू सुन्दरियाल की ओर से किया गया। कार्यक्रम में डॉ. भवतोष शर्मा, डॉ राजेन्द्र राणा, ई. उमेश चन्द्र, ओम जोशी, राजदीप जंग, हरीश प्रसाद ममगांई, शिवानी पोखरियाल, रमेश रावत, राजीव मोहन बहुगुणा आदि ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम में विभिन्न शिक्षण संस्थानों की शिक्षिकाओं, छात्राओं, सहित 360 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम में यूसर्क की गतिविधियों, डाॅलफिन संस्था व हार्क संस्था के स्वदेशी आजीविका उत्पादों एवं औषधीय उत्पादों तथा लर्निग ट्री संस्था की अपने-अपने प्रदर्शनी भी लगायी गयी।

कार्यक्रम में यूसर्क की ओर से राज्य स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अप्लाइड साइंस, स्टेम, सामाजिक विज्ञान, परम्परागत विज्ञान आदि में सम्मानित की गयी 13 युवा महिला वैज्ञानिकों की सूची निम्नवत है-

यंग वुमेन साइटिस्ट एक्सीलेंस अवार्ड –

1.डॉ. कंचन भारद्वाज, असिस्टेंट प्रोफेसर, एस.जी.आर.आर., विश्वविद्यालय, देहरादून

2.सुप्रिया दुबे, शोधार्थी, गुरुकुल कांगड़ी (डीम्ड विश्वविद्यालय), हरिद्वार

3. तरनुम्म जहाँ, शोधार्थी गो0ब0पन्त कृषि एवं तकनीकी विश्वविद्यालय, पंतनगर

4.डॉ सरिश्मा डांगी, असिस्टेंट प्रोफेसर, ग्राफिक ऐरा (डीम्ड विश्वविद्यालय), देहरादून

5.सुकन्या, शोधार्थी, यूपीईएस देहरादून

6.सुषमा खोलिया, शोधार्थी, एमबी (पी.जी.) काॅलेज, हल्द्वानी नैनीताल

यंग वुमेन साइटिस्ट अचिवमेंट अवार्ड –

1.डॉ सुधा पाल, अतिथि संकाय, एमबी (पीजी) काॅलेज, हल्द्वानी नैनीताल।

2.डॉ अमिता तिवारी, असिस्टेंट प्रोफेसर, एम0बी0 (पी.जी.) काॅलेज, हल्द्वानी नैनीताल।

3.डॉ जय लक्ष्मी रावत, असिस्टेंट प्रोफेसर, आरसीयू (पी.जी.) काॅलेज, उत्तरकाशी।

4. डॉ मिथलेश सिंह, वैज्ञानिक ‘डी’, गोविन्द बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण संस्थान कोसी कटारमल, अल्मोड़ा।

5.डॉ अंशु भाटिया, असिस्टेंट प्रोफेसर, कोर विश्वविद्यालय, रूड़की।

6.डॉ निक्की नौटियाल, असिस्टेंट प्रोफेसर, सरदार भगवान सिंह विश्वविद्यालय, देहरादून।

7.डॉ भूपेन्द्र ओलख, असिस्टेंट प्रोफेसर, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चम्पावत।

Rakesh Kumar Bhatt

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