छह साल बाद खुले जवाई बांध के दो गेट, पाली के साथ जालोर-सिरोही जिलों के किसानों को मिलेगा फायदा - Shaurya Mail

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छह साल बाद खुले जवाई बांध के दो गेट, पाली के साथ जालोर-सिरोही जिलों के किसानों को मिलेगा फायदा

 छह साल बाद खुले जवाई बांध के दो गेट, पाली के साथ जालोर-सिरोही जिलों के किसानों को मिलेगा फायदा

राजस्थान ,पाली: पश्चिमी राजस्थान  के सबसे बड़े जवाई बांध के दो गेट रविवार सुबह खोले गए पहले दो नंबर गेट खोला गया, इसके बाद दस नंबर गेट खोलकर पानी नहर में छोड़ा गया। सुमेरपुर क्षेत्र में स्थित जवाई बांध की भराव क्षमता 61.25 फीट है, दो-तीन दिन पहले 61.5 फीट तक जवाई बांध भरने पर हवा के साथ उसका पानी छलकने लगा था। अब छह साल बाद जवाई बांध के गेट खोले गए हैं,जवाई बांध के गेट खोलने से इसकी नहर और नदी के किनारे स्थित पाली, जालौर और सिरोही जिले के कई गांवों काे फायदा मिलेगा।

पहले फेज में बांध के 13 गेटों में से दो और दस नंबर गेट को कम्प्यूराइज स्काडा सिस्टम से एक-एक इंच खोला गया करीब 20 एमसीएफटी पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। वर्तमान में सेई टनल के जरिए रोज 27 एमसीएफटी पानी आ रहा है। जिसमें से सात एमसीएफटी पानी पेयजल के रूप में काम आ आता है,इससे पहले वर्ष 2017 में जवाई बांध के गेट खोले गए थे, अब छह साल बाद एक बार फिर बांध के गेट खोले गए वर्ष 2017 में जवाई बांध में 57.97 फीट पानी ही था लेकिन कैचमेंट एरिया में लगातार बरसात होने के चलते गेट खोले गए थे।

इस दौरान सुमेरपुर विधायक जोराराम कुमावत, मुख्यमंत्री सलाहकार व सिरोही विधायक संयम लोढ़ा, आहोर विधायक छगन सिंह राजपुरोहित, पूर्व संसद के सदस्य बद्रीराम जाखड़, जिला परिषद सदस्य व पूर्व प्रधान हरि शंकर मेवाड़ा, बाल श्रम बोर्ड पूर्व उपाध्यक्ष शिशुपाल निम्बाड़ा, पीसीसीबी अध्यक्ष करण सिंह मेड़तिया, संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर अमरसिंह, जल संसाधन विभाग के एक्सईएन गंगाराम, जलदाय विभाग एक्सईएन नंदकिशोर बालोटिया सहित पाली, जालौर, सिरोही जिले के कई जनप्रतिनिधि, जलदाय विभाग, सिंचाई विभाग, प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

जवाई बांध के गेट खुलने से सबसे बड़ा फायदा किसानों को होगा जवाई नहर के आस-पास पाली जिले के 11, जालौर जिले के 41 और सिरोही जिले के 6 गांवों के भूमि का जलस्तर बढ़ेगा कुएं रिचार्ज होंगे बांध में अभी भी डेढ़ साल का पेयजल रिजर्व है, यह बांध पाली जिले के सुमेरपुर शहर के पास स्थित है, बांध को जोधपुर के महाराजा उम्मेद सिंह ने बनाया था। इसका काम 12 मई 1946 को शुरू हुआ और यह 1957 में पूरा हुआ इसको बनाने में कुल व्यय दो करोड़ सात लाख रुपए आया था। इस गांव में 500 किमी का क्षेत्र शामिल है। यह पश्चिमी राजस्थान में सबसे बड़ा बांध है। बांध में 7887.5 मिलियन क्यूबिक फीट की क्षमता है और खेती योग्य क्षेत्रफल के 102,315 एकड़ (414.05 किमी) क्षेत्र शामिल है, इसकी ऊंचाई लगभग 61.25 फीट (18.67 मीटर) है,सेई बांध और कालीबोर बांध जवाई बांध के फीडर बांध हैं. बांध की मुख्य नींव सीसा धातु से निर्मित है।

Rakesh Kumar Bhatt

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