स्वामी हरिदास बने नीलेश्वर महादेव मंदिर के महंत
हरिद्वार , नीलेश्वर महादेव मंदिर के ब्रह्मलीन महंत प्रेमदास महाराज को सभी तेरह अखाड़ों के संत-महापुरुषों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की इस दौरान उनके शिष्य हरिदास को तिलक चादर प्रदान कर मंदिर का महंत नियुक्त किया गया।
गौरी शंकर मंदिर के प्रांगण में वैष्णव मंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत विष्णुदास महाराज के संयोजन व महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज की अध्यक्षता में आयोजित संत समागम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अखाड़ा परिषद अध्यक्ष एवं पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत प्रेमदास महाराज दिव्य आत्मा थे धर्म शास्त्रों का उनका ज्ञान विलक्षण था। गुरू के रूप में ऐसे विद्वान संत का सानिध्य भाग्यशाली व्यक्ति को मिलता है. नवनियुक्त महंत हरिदास सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें ब्रह्मलीन महंत प्रेमदास महाराज के सानिध्य में धर्म और अध्यात्म की शिक्षा दीक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला।
वैष्णव मंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत विष्णुदास महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत प्रेमदास महाराज संत समाज के प्रेरणा स्रोत थे संत समाज को आशा है कि नवनियुक्त महंत हरिदास अपने गुरु से प्राप्त ज्ञान और संत परंपराओं का अनुसरण करते हुए समाज का मार्गदर्शन करने के साथ धर्म संस्कृति के प्रचार-प्रसार में योगदान करेंगे।
महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी कपिल मुनि महाराज एवं महंत रघुवीर दास महाराज ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति के प्रचार-प्रसार में ब्रह्मलीन महंत प्रेमदास महाराज का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा सभी को उनके जीवन दर्शन से प्रेरणा लेनी चाहिए।
नवनियुक्त महंत हरिदास महाराज ने सभी संत-महापुरुषों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ब्रह्मलीन महंत प्रेमदास महाराज से प्राप्त ज्ञान व शिक्षाओं के अनुसरण और संत समाज के आशीर्वाद से गुरु परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए समाज को धर्म व अध्यात्म की प्रेरणा देना और सनातन धर्म संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना ही उनके जीवन का उद्देश्य है श्रीमहंत विष्णुदास, महंत प्रह्लाद दास, महंत गोविंददास, महंत रघुवीर दास, महंत बिहारी शरण ने सभी संत-महापुरुषों का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया।