मानसून से पहले सड़कें हों गड्ढामुक्त, विभाग 24×7 अलर्ट मोड पर रहें : मुख्य सचिव
उत्तराखंड(देहरादून),शुक्रवार 08 मई 2026
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने आगामी मानसून सीजन को देखते हुए तैयारियों को लेकर सभी विभागों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को मानसून शुरू होने से पहले सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने और क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने गुरुवार को सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि मानसून के दौरान आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आगामी कुछ महीने संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण रहेंगे, जबकि चारधाम यात्रा अभी जारी है। ऐसे में सभी रेखीय विभागों को कार्य करना होगा।
बैठक में बिजली एवं पेयजल विभाग को विद्युत लाइनों, ट्रांसफॉर्मरों और पेयजल लाइनों की पूर्व मरम्मत एवं रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मानसून के दौरान बिजली और जलापूर्ति लंबे समय तक बाधित न हो।
शहरी विकास विभाग, नगर निकायों और जिलाधिकारियों को नालों-नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने तथा जलभराव की स्थिति रोकने के निर्देश दिए गए। उन्होंने नदी-नालों के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा बनने वाले अतिक्रमण और अवरोध हटाने पर भी जोर दिया।
मुख्य सचिव ने नदी तटीय क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए नदियों के चैनलाइजेशन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी मार्ग में जमा आरबीएम हटाया जाए ताकि प्राकृतिक प्रवाह बाधित न हो और कटाव से आबादी व आधारभूत संरचनाओं को नुकसान न पहुंचे।
उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर सड़क खोलने के लिए जेसीबी मशीनों की अग्रिम तैनाती, बैली ब्रिज का पर्याप्त भंडारण तथा बाढ़ संभावित क्षेत्रों में नाव और बोट की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्य सचिव ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को गैस, राशन, खाद्यान्न, पेट्रोल और डीजल सहित आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में राहत सामग्री और खाद्य सामग्री वितरण के लिए पहले से विस्तृत रणनीति तैयार की जाए ताकि दूरस्थ क्षेत्रों तक समय पर सहायता पहुंच सके।
स्वास्थ्य विभाग को मानसून के दौरान संभावित संक्रामक और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने फॉगिंग अभियान तत्काल शुरू करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट मोड में रखने को कहा। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों के लिए हेली एम्बुलेंस सेवाओं को भी तैयार रखने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने हाइड्रोमेट सिस्टम, सेंसर और सेटेलाइट फोन की नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने मौसम संबंधी चेतावनियां आमजन तक त्वरित रूप से पहुंचाने के लिए ‘सचेत एप’ और सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक के अधिक उपयोग पर जोर दिया।
बैठक में मुख्य सचिव ने सोशल मीडिया पर आपदा संबंधी फर्जी और भ्रामक वीडियो प्रसारित किए जाने पर सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में आपदा प्रबंधन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 525 हाइड्रोमेट सेंसर सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि अभी प्रदेश में तीन डॉप्लर वेदर रडार स्थापित हैं तथा तीन अतिरिक्त रडार लगाए जाने प्रस्तावित हैं।
उन्होंने बताया कि पिथौरागढ़ में आरएसआरडब्ल्यू प्रणाली स्थापित करने की योजना है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम गतिविधियों का अधिक सटीक पूर्वानुमान मिल सकेगा और समय रहते चेतावनी जारी कर जनहानि कम करने में मदद मिलेगी।