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राज्य में अगले सात दिनों तक बारिश के आसार, तीन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

 राज्य में अगले सात दिनों तक बारिश के आसार, तीन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

उत्तराखंड(देहरादून),बुधवार 05 अगस्त 2026

उत्तराखंड में मानसून सक्रिय बना हुआ है और मौसम विभाग ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले सात दिनों तक वर्षा का सिलसिला जारी रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। बुधवार के लिए तीन जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नराज्य में लगातार हो रही भारी वर्षा को देखते हुए आपदा प्रबंधन सचिव को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ तथा सभी जिला प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और राज्य में आए पर्यटकों से मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अनावश्यक यात्रा से बचें और केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। नदियों, बरसाती नालों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

देहरादून सहित उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में बुधवार को हल्की रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा। सुबह से आसमान घने बादलों से ढका रहा, जिससे मौसम सुहावना बना रहा। सुबह करीब 11 बजे बादलों की ओट से हल्की धूप भी निकली, लेकिन कुछ ही देर बाद फिर बादल छा गए। मौसम विभाग ने राज्य में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम वर्षा का क्रम जारी रहने की संभावना जताई है। बारिश के मद्देनज़र लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को देहरादून, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिलों में भी भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और अत्यंत तीव्र वर्षा के दौर पड़ सकते हैं।

भारी बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़कों और राजमार्गों के बाधित होने, नदियों-नालों के जलस्तर में वृद्धि और निचले क्षेत्रों में जलभराव की आशंका व्यक्त की गई है। चारधाम यात्रा और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों एवं पर्यटकों को केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करने तथा मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

Rakesh Kumar Bhatt

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