पूर्णानंद घाट पर चला बांसुरी धुन की सुरों का जादू
ऋषिकेश, ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट द्वारा महिलाओं द्वारा की जा रही गंगा आरती में पूर्णानंद घाट पर वंशी वादन के लिए देश-विदेश में प्रसिद्धि पाने वाले पंडित अजय प्रसन्ना ने अपनी वंशी की सुमधुर धुन सुनाई व गंगा आरती की। राधा-कृष्ण के प्रेम और मुरली की दीवानी राधा के भाव प्रस्तुत किए। छोटी छोटी गैया छोटे छोटे ग्वाल…. पायोजी मैंने राम रतन धन पायो….. दमदार प्रस्तुति से सभी को आनंदित किया।
पंडित अजय प्रसन्ना ने कहा कि 45 मिनट की पूर्णानंद घाट पर गंगा आरती का बहुत ही मनोरम दृश्य होता है। आरती के दौरान, आप निश्चित रूप से अपने आप को एक और नई दुनिया में पाएंगे, जो सभी चिंताओं से मुक्त मिलती है। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने हर्ष ध्वनि व तालियों से पंडित अजय प्रसन्ना का उत्साहवर्धन किया। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में पंडित अजय प्रसन्ना ने पूर्णानंद घाट पर गंगा आरती में अपने गीतों की प्रस्तुति की। पंडित हरिओम शर्मा ज्ञानी ने कहा कि कहा कि संगीत से आध्यमिकता का अहम रोल है। उन्होंने कहा संगीत व आध्यात्म वैसे ही हैं जैसे खाना बनाना और खाना। साधना, समर्पण व संवेदना से निकलता है संगीत। समर्पण के साथ तपकर सीखना होता है। मुख्य रूप से गंगा आरती में ट्रस्ट की सदस्य डॉक्टर ज्योति शर्मा, संध्या शुक्ला, सुषमा बहुगुणा, रीता, प्रमिला, गायत्री देवी, सरोज देवी आदि ने गंगा आरती की।