नित्यानंद का जीवन हिमालय, प्रकृति, समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित : मुख्यमंत्री
उत्तराखंड(देहरादून),सोमवार 09 फ़रवरी 2026
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को डॉ. नित्यानंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने अपना जीवन हिमालय, प्रकृति, समाज और राष्ट्र को समर्पित किया। मुख्यमंत्री ने उनके आपदा राहत, ग्रामीण सशक्तिकरण और शिक्षा में योगदान को सराहा।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज दून विश्वविद्यालय में डॉ. नित्यानंद की जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सतत हिमालयी पर्यावरण पुरस्कार 2025-26 से जयेंद्र सिंह राणा और संजय सत्यवली को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. नित्यानंद ने 1991 में उत्तरकाशी और 1999 में चमोली आपदा के बाद राहत एवं पुनर्वास का मॉडल स्थापित किया। उन्होंने मनेरी गांव को केंद्र बनाकर 400 से अधिक भूकंप रोधी मकानों का निर्माण कराया और 50 से अधिक गाँवों को मॉडल गाँव के रूप में विकसित किया।
उन्होंने कहा कि हिमालय संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के लिए राज्य सरकार डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, ग्लेशियर रिसर्च सेंटर, जल स्रोत संरक्षण अभियान, पौधरोपण, सौर ऊर्जा एवं अन्य हरित ऊर्जा योजनाओं को लागू कर रही है। इसके साथ ही राज्य में सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध और डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम के माध्यम से 72 टन कार्बन उत्सर्जन कम किया गया है।
मुख्यमंत्री ने सभी से आह्वान किया कि जीवन के प्रमुख अवसरों पर एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल करें, ताकि देवभूमि में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सके।इस अवसर पर आर.एस.एस के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. दिनेश, आर.एस.एस प्रान्त प्रचारक डॉ. शैलेन्द्र, विधायक विनोद चमोली, मुन्ना सिंह चौहान, बृजभूषण गैरोला, डॉ. कमलेश कुमार, उत्तरांचल उत्थान परिषद के संरक्षक प्रेम बड़ाकोटी, कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।