केनोविट ई लर्निंग एप का किया लोकार्पण
हरिद्वार, पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट में रविवार को आचार्य बालकृष्ण ने केनोविट ई लर्निंग एप का लोकार्पण किया। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि कोनोविट ई लर्निंग एप उन छात्र-छात्राओं के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है जो अपनी जिंदगी में कुछ करना तो चाहते हैं मगर संसाधन न होने के कारण या सही दिशा न मिलने के कारण वह आगे नहीं बढ़ पाते।
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि संसाधनों के अभाव के चलते जहां छात्र-छात्राओं को अपनी मंजिल नहीं मिल पाती वहीं दूसरी तरफ इससे देश का भी नुकसान होता है। देश होनहार प्रतिभा को खो देता है। यदि ऐसे छात्र-छात्राओं को सही मंजिल मिल जाए तो यह होनहार बच्चे अपने पुरषार्थ से इस राष्ट्र की दिशा व दशा बदलने की सामर्थ्य रखते हैं। पतंजलि का भारतीय शिक्षा बोर्ड इस एप में अपनी भागीदारी करेगा और एक दिन यह एप आधुनिक शिक्षा के लिए बड़ा माध्यम साबित होगा। वर्तमान समय में ऐसे सरल और अध्ययन सामग्री से लैस एप की अत्यधिक आवश्यकता थी जिसे कोनोविट ई लर्निंग एप ने पूरा किया। केनोविट के संस्थापक श्याम शंकर शुक्ला ने कहा कि आने वाले समय में हम इस माध्यम से बच्चों को संस्कृत में रोबोटिक व संस्कृत में सॉफ्टवेयर कोडिंग को सिखाने का प्रयास करेंगे। श्याम शुक्ला ने कहा कि इस आधुनिक युग में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सबसे ज्यादा स्कोप है अगर हम बचपन से ही बच्चों को कोडिंग सिखाना शुरू कर देंगे तो आगे चल इन बच्चों को नौकरी के लिए दौड़भाग नहीं करनी पड़ेगी। नोएडा वाणिज्य कर विभाग के असस्टिेंट कमिश्नर श्याम सुंदर पाठक ने कहा कि कभी भी कोई शुरुआत बड़े से नहीं होती एक वृक्ष अगर फल देता है तो उसके लिए सबसे पहले बीज का रोपण करना पड़ता है जो वृक्ष आज केनोविट ने लगाया वो आगे चल कर जरूर एक वट वृक्ष बनेगा। लखनऊ डीआईजी जुगल किशोर तिवारी, आशुतोष चैबे,फाउंडेशन के संस्थापक नितिन शर्मा पंडित श्याम शंकर शुक्ला, रेणु आदि इस कार्यक्रम में शामिल हुए।