हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट में विद्युत शवदाह गृह स्थापित करने के निर्देश
उत्तराखंड(हरिद्वार),शुक्रवार 16 अगस्त 2024
जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने शुक्रवार काे खड़खड़ी श्मशान घाट का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें जानकारी दी गयी कि श्मशान घाट में प्रतिदिन अंतिम संस्कार के लिए लगभग 135 कुन्तल लकड़ियों की आवश्यकता हाेती है। बरसात के माैसम में सूखी लकड़ियाें की उलब्धता में कठिनाई आने के कारण समस्या और बढ़ जाती है।
इस स्थिति काे ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने खड़खड़ी श्मशान घाट में विद्युत शव दाह गृह स्थापित करने के निर्देशित दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि इसके लिए आवश्क बजट प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जायेगा। जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को विद्युत शव दाह गृह संचालन के लिए शीघ्रता से कार्य योजना बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिये।
इसके साथ ही, जिलाधिकारी ने कनखल स्थित श्मशान घाट में भी विद्युत शवदाह गृह की संभावनाओं का अध्ययन करने के निर्देश नगर निगम के अधिकारियों को दिये। जिलाधिकारी ने बताया कि तकनीकी दृष्टिकोण से विद्युत शव दाह गृह के संचालन से प्रतिदिन 135 कुन्तल लकड़ी की बचत होगी। इसके अलावा, यह विधि कम समय व कम लागत और पर्यावारणीय दृष्टिकोण से भी अनुकूल है। विद्युत शवदाह से परम्परागत दाह संस्कार की तुलना में बहुत कम प्रदूषण होता है, जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य के लिहाज से यह अधिक लाभकारी है।
निरीक्षण के दौरान सेवा समिति (श्मशान व्यवस्था) के उपाध्यक्ष दुर्गेश पंजवानी, सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान सहित सेवा समिति के अन्य पदाधिकारी व अधिकारी उपस्थित थे।