हिमाचल में बारिश और भूस्खलन से भारी तबाही, मृतकों की संख्या 74 हुई
बारिश से हिमाचल को 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान
शिमला में एक शिव मंदिर के मलबे से एक और शव निकाले जाने के बाद बारिश से प्रभावित हिमाचल प्रदेश में मरने वालों की संख्या बढ़कर 74 हो गई। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि चंबा जिले में दो और लोगों की मौत हो गई। इनमें से 21 मौतें अकेले शिमला में तीन बड़े भूस्खलनों में हुईं। मंदिर के मलबे में अभी भी आठ लोगों के दबे होने की आशंका है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, चंबा जिले में बारिश से संबंधित दो मौतों की सूचना मिली है, जिससे पिछले चार दिनों में मरने वालों की संख्या 74 हो गई है।
हिमाचल प्रदेश में मौत का तांडव, 74 लोगों की गयी जान
राज्य में रविवार से शुरू होकर तीन दिनों तक भारी बारिश हुई। 24 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से हिमाचल प्रदेश में बारिश से संबंधित घटनाओं में 217 लोगों की मौत हो गई है। शिमला में भूस्खलन स्थलों पर बचाव अभियान अभी भी जारी है। एसपी गांधी ने कहा, अब तक समर हिल से 14, फागली से पांच और कृष्णानगर से दो शव बरामद किए गए हैं। भारतीय सेना, वायु सेना और अन्य बचाव कर्मियों ने कांगड़ा जिले के फतेहपुर और इंदौरा के पोंग बांध में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से 309 लोगों को निकाला। पिछले तीन दिनों में इन इलाकों से 2074 लोगों को निकाला गया है।
मुख्यमंत्री ने किया बारिश और बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को राज्य में बारिश और बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि राज्य को इस मानसून में भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हुए बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण में एक साल लगेगा और अनुमान है कि इस सप्ताह और जुलाई में भारी बारिश के दो विनाशकारी दौर में नुकसान लगभग 10,000 करोड़ रुपये है।