जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण के लिए सरकार कर रही कार्य : मुख्य सचिव - Shaurya Mail

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जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण के लिए सरकार कर रही कार्य : मुख्य सचिव

 जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण के लिए सरकार कर रही कार्य : मुख्य सचिव

उत्तराखंड(देहरादून),गुरुवार 27 जून 2024

कैबिनेट सचिव राजीव गुबा से उत्तराखंड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रदेश में वन क्षेत्रों में स्थित जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण के लिए कार्य करने के लिए सरकारी विभागों को अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में राज्यस्तरीय स्प्रिंग एण्ड रिवर रिजुविनेशन प्राधिकरण के माध्यम से जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण के लिए सराहनीय कार्य किया जा रहा है।

कैबिनेट सचिव राजीव गुबा के साथ वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से ‘जल शक्ति अभियान-कैच द रेन’ से सम्बन्धित बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने गुरुवार को जानकारी दी कि जल संरक्षण अभियान 2024 के तहत कैच द रेन, जल संरक्षण अभियान, अमृत सरोवर, हरेला कार्यक्रम के माध्यम से राज्य में जल संरक्षण, सम्भरण एवं जल सम्वर्द्धन हेतु कार्य किए जा रहे हैं। क्रिटिकल सूख रहे जल स्रोतों, सहायक नदियों व धाराओं का चिह्निकरण किया गया है। इनके संग्रहण क्षेत्रों की पहचान की गई है। ग्राम स्तर पर जल स्रोतों को चिह्नित कर उनके उपचार क्षेत्र में जल संभरण गतिविधियों के निर्देश दिए गए हैं। विकासखण्ड स्तर पर न्यूनतम 10 क्रिटिकल सूख रहे जल स्रोतों तथा जनपद स्तर पर न्यूनतम 20 सहायक नदियों/धाराओं के उपचार को जल संरक्षण अभियान 2024 के तहत प्रस्तावित करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में जानकारी दी गई कि पेयजल निगम द्वारा 78 क्रिटिकल जलस्रोत चिह्नित किए गए हैं। जन संस्थान द्वारा 415 क्रिटिकल जल स्रोत चिह्नित किए गए हैं। विभिन्न जनपदों में कुल 250 सहायक नदियां/धाराएं उपचार के लिए चिह्नित की गई हैं। जल संरक्षण अभियान 2024 के तहत ग्राम स्तर पर 4658 जल स्रोतों के उपचार क्षेत्र में जल संभरण गतिविधियों, विकासखण्ड स्तर पर 770 क्रिटिकल सूख रहे जल स्रोतों के उपचार गतिविधियों तथा जनपद स्तर पर 228 सहायक नदियों/धाराओं में उपचार गतिविधियों के संचालन का लक्ष्य है। इस प्रकार उपचार के लिए कुल चिह्नित जल स्रोतों की संख्या 5428 है।

शहरी क्षेत्रों में भू-जल रिचार्ज एवं जल संरक्षण गतिविधियों के तहत विभिन्न राजकीय कार्यालयों, संस्थानों, विद्यालयों के परिसर एवं होटल व धर्मशालाओं में भू-जल रिचार्ज करने हेतु रिचार्ज शॉफट निर्मित किये जाने प्रस्तावित हैं। देहरादून शहर में 260 रिचार्ज शॉफ्ट/बोरवेल सरकारी संस्थानों एवं विद्यालयों की परिसर में 15 जुलाई 2024 तक निर्मित किये जाने प्रस्तावित हैं, इसके अतिरिक्त 30 बड़ी आवासीय कालोनी में रिचार्ज शॉफ्ट बोरवेल बनाये जाने प्रस्तावित हैं। हरिद्वार शहर में 110 रिचार्ज शॉफ्ट/बोरवेल सरकारी संस्थानों एवं विद्यालयों की परिसर में 15 जुलाई 2024 तक निर्मित किये जाने प्रस्तावित है। हल्द्वानी शहर में 80 रिचार्ज शॉफ्ट / बोरवेल सरकारी संस्थानों एवं विद्यालयों की परिसर में 15 जुलाई 2024 तक निर्मित किये जाने प्रस्तावित हैं। सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड देहरा दून द्वारा उक्त तीनों शहरों के भू-जल को रिचार्ज करने हेतु तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा।

बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, सचिव डॉ. आर राजेश कुमार एवं अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

Rakesh Kumar Bhatt

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