मुख्यमंत्री ने किया ‘बिल लाओ-इनाम पाओ’ योजना के विजेताओं को पुरस्कृत
उत्तराखंड(देहरादून),बुधवार 26 नवंबर 2025
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्य सेवक सदन में ‘बिल लाओ-इनाम पाओ’ योजना के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना ने राजस्व संग्रहण को एक नई चेतना, एक नया दृष्टिकोण और एक नई ऊर्जा प्रदान की है। योजना से जनता में ये समझ बनी है कि प्रदेश के विकास में प्रत्येक बिल एक योगदान है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का यह एक नवाचार था, जिससे सरकार ने जनभागीदारी को राजस्व संग्रहण से जोड़ने का प्रयास किया। आज तीन वर्षों में ‘बिल लाओ-इनाम पाओ’ योजना ने लोगों के बीच जागरुकता पैदा करने में कामयाबी हासिल की है। योजना आज जहां एक ओर उपभोक्ता जागरूकता का सशक्त माध्यम बनी है, वहीं उपभोक्ता एवं व्यापारी वर्ग के बीच साझा जिम्मेदारी का प्रतीक भी बनकर उभरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में व्यापार, उद्यम, क्रिएटिविटी को साथ लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने एक नया विश्वास पैदा करने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली डबल इंजन की सरकार में व्यापारियों को प्रोत्साहन और प्रॉफिट के साथ ही प्रोटेक्शन भी मिला है। राज्य सरकार भी इसी क्रम में “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” और व्यापार सुधार कार्य योजना के माध्यम से राज्य में निवेश और उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य में राजकोषीय अनुशासन को मजबूती से स्थापित किया है। इसी का परिणाम है कि राज्य राजकोषीय घाटे को निर्धारित सीमा के भीतर रखने में सफल रहा है। उन्होंने कहा कि जब जनता सरकार पर भरोसा करती है और सरकार भी जनता के साथ पारदर्शी तरीके से व्यवहार करती है तो विकास की गति अपने आप कई गुना बढ़ जाती है। यही कारण है कि राज्य सरकार ने वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचारों के अधिकतम प्रयोग पर बल दिया है।
मुख्यमंत्री ने सभी से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग प्रत्येक खरीददारी पर बिल मांगकर लेनदेन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और राज्य के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने में सहयोग प्रदान करें।
इस मौके पर प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने कहा कि योजना के तहत 90 हजार उपभोक्ताओं ने 270 करोड़ रुपये मूल्य के 6.5 लाख बिलों के साथ प्रतिभाग किया। राज्य कर आयुक्त सोनिका ने बताया कि योजना के तहत कुल 1888 लोगों को पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अलावा 17 माह तक 1500 प्रति माह मासिक पुरस्कार भी प्रदान किए गए।