हिमालय के एवरेस्ट बेस कैंप पर भारत और नेपाल के लोगों ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली में आए आपदा में जान गवाने वाले लोगों के प्रति मौन रखा एवं उन्हें श्रद्धांजलि दी - Shaurya Mail

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हिमालय के एवरेस्ट बेस कैंप पर भारत और नेपाल के लोगों ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली में आए आपदा में जान गवाने वाले लोगों के प्रति मौन रखा एवं उन्हें श्रद्धांजलि दी

 हिमालय के एवरेस्ट बेस कैंप पर भारत और नेपाल के लोगों ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली में आए आपदा में जान गवाने वाले लोगों के प्रति मौन रखा एवं उन्हें श्रद्धांजलि दी

उत्तराखंड(देहरादून),शनिवार 16 अगस्त 2025

हिमालय के एवरेस्ट बेस कैंप पर भारत और नेपाल के नागरिकों ने संयुक्त रूप से स्वतंत्रता दिवस मनाया। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में भारत और नेपाल के 100 से ज़्यादा नागरिक एवरेस्ट बेस कैंप में एकत्रित हुए एवं दुनिया की सबसे ऊँची चोटी की छाया में अपना तिरंगा लहराया। एवरेस्ट बेस कैंप में उत्तराखंड के हाई फाइव एडवेंचर संस्था द्वारा ट्रैकिंग के दौरान लोगों को प्रदूषण ना फैलाने का संदेश दिया गया।हाई फाइव एडवेंचर संस्था के देहरादून से प्रतिनिधित्व कर रहे हैं डायरेक्टर टेकू थापा ने बताया कि जलवायु परिवर्तन बहुत तेजी से बढ़ रहा है एवं इससे हिमालय के ग्लेशियरों एवं बर्फीले पहाड़ों पर बहुत से परिवर्तन देखा जा रहा है, इस स्वतंत्रता दिवस हम भारत और नेपाल के नागरिकों के साथ मिलकर यह संदेश पूरे विश्व में दे रहे हैं कि जो भी व्यक्ति हिमालय के ट्रैकिंग पर आए तो उसे जलवायु परिवर्तन का बहुत ध्यान रखना है साथ ही साथ अपने साथ कोई भी ऐसी वस्तुओं को ना लाएं जिससे प्रदूषण बढ़े साथ ही साथ अगर कोई व्यक्ति कोई सामान लाता है तो उसे इस्तेमाल करने के बाद पुन: वापस अपने साथ ले जाए ताकि हिमालय पर कोई भी कूड़ा इकट्ठा ना हो सके।

हाई फाइव एडवेंचर संस्था के संस्थापक नरबीन मगर ने बताया कि भारत और नेपाल के बीच जो बेटी- रोटी का संबंध है एवं हमारे बीच हर स्तर का व्यापार व्यापक रूप से हर रोज चलता है। एडवेंचर ट्रैवल एवं टूरिज्म के क्षेत्र में भी उत्तराखंड और नेपाल के बीच बहुत अच्छा कारोबार चल रहा है। हम चाहते हैं कि एडवेंचर ट्रैवल और टूरिज्म के क्षेत्र में यह कारोबार अधिक बढ़े एवं जो भी यात्री हिमालय में ट्रेकिंग के लिए आते हैं चाहे वह उत्तराखंड के हिमालय क्षेत्र हो या नेपाल के हमें जलवायु परिवर्तन एवं पॉल्यूशन का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी है।

वही हिमालय के एवरेस्ट बेस कैंप पर भारत और नेपाल के लोगों ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली में आए आपदा में जान गवाने वाले लोगों के प्रति मौन रखा एवं उन्हें श्रद्धांजलि दी।

इस कार्यक्रम में देहरादून से टेकू थापा,सूरज थापा,सरिता थापा, तन्नु शर्मा,स्नेहा जैन, प्रसाद नायर, संयुक्ता पैनूरकर, सूरज मोहंती, तरुण शर्मा, नरेंद्र कुमार, डॉक्टर माधुरी जैन, लीना जैन, नाजिन, अविन बाबु और नेपाल से शर्मिला मगर, बिस्वास आले मगर, गाइड सिद्धार्थ मगर एवं अक्ल थिंग के साथ अन्य लोग मौजूद रहे।

Rakesh Kumar Bhatt

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