सिंचाई विभाग की हाइड्रोलॉजिक सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी; सहस्रधारा हेलीपैड के पास बनेंगे नेचुरल चेकडैम - Shaurya Mail

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सिंचाई विभाग की हाइड्रोलॉजिक सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी; सहस्रधारा हेलीपैड के पास बनेंगे नेचुरल चेकडैम

 सिंचाई विभाग की हाइड्रोलॉजिक सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी; सहस्रधारा हेलीपैड के पास बनेंगे नेचुरल चेकडैम

उत्तराखंड(देहरादून),शनिवार 18 जुलाई 2026

देहरादून के आईटी पार्क क्षेत्र में हर साल मानसून के दौरान होने वाले भारी जलभराव और अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की समस्या का जल्द ही स्थायी समाधान होने जा रहा है। जिला प्रशासन ने सिंचाई विभाग के माध्यम से एक विस्तृत हाइड्रोलॉजिक सर्वेक्षण कराते हुए ’एकीकृत बाढ़ शमन योजना’ (इंटीग्रेटेड फ्लड मिटिगेशन प्लान) तैयार कर ली है। जल्द ही इसकी डीपीआर स्वीकृत कर धरातल पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

शनिवार को ऋषिपर्णा सभागार में रायपुर विधायक उमेश शर्मा (काऊ) और जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की उपस्थिति में आयोजित बैठक में एनआईवीवी कंसलटेंसी सर्विसेज ने अपनी विस्तृत हाइड्रोलॉजिक सर्वेक्षण रिपोर्ट साझा की।

शहरीकरण और ढलान बने बाढ़ की वजह

कंसलटेंसी के अधिकारियों ने बताया कि देहरादून के पूर्वी हिस्से में स्थित आईटी पार्क का क्षेत्र करीब 4.91 किलोमीटर के ऊंचे कैचमेंट (जलग्रहण) एरिया से घिरा है। पहाड़ों से तेजी से बहकर आने वाला पानी इस क्षेत्र में आता है। तेजी से हुए शहरीकरण और पक्के निर्माणों के कारण पानी जमीन के भीतर नहीं जा पाता, जिससे यह पूरा इलाका बाढ़ के लिहाज से बेहद संवेदनशील बन गया है। वर्तमान में मौजूद भूमिगत जल निकासी (अंडरग्राउंड ड्रेनेज) प्रणाली भी इस भारी दबाव को झेलने में नाकाम साबित हो रही है।

सर्वेक्षण रिपोर्ट में बाढ़ की विभीषिका और पानी के तेज बहाव को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण और वैज्ञानिक सुझाव दिए गए हैं। जिसमें सहस्रधारा हेलीपैड से नीचे की ओर 1.2 किलोमीटर के दायरे में प्राकृतिक चेकडैमों की एक श्रृंखला बनाई जाएगी, जिससे पानी के ‘पीक फ्लो’ और उसकी गति को कम किया जा सके। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में जल संरक्षण के उपाय किए जाएंगे। नदियों और बरसाती नालों के किनारों को तकनीकी रूप से विकसित कर जल प्रवाह को सुचारू बनाया जाएगा।

जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने कहा कि तेज बारिश के दौरान पानी सड़कों पर बहने से ट्रैफिक जाम, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और व्यावसायिक गतिविधियां ठप होने जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। निवासियों को इस परेशानी से निजात दिलाने के लिए सिंचाई विभाग के माध्यम से ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। डीपीआर बनते ही सुरक्षात्मक कार्य तुरंत शुरू किए जाएंगे।

इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह सहित सिंचाई विभाग के वरिष्ठ इंजीनियर और कंसलटेंसी के मुख्य अधिकारी मौजूद रहे।

Rakesh Kumar Bhatt

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