पलायन रोकथाम और सीमांत क्षेत्र योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाएं : मुख्य सचिव - Shaurya Mail

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पलायन रोकथाम और सीमांत क्षेत्र योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाएं : मुख्य सचिव

 पलायन रोकथाम और सीमांत क्षेत्र योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाएं : मुख्य सचिव

उत्तराखंड(देहरादून),बुधवार 25 फरवरी 2026

उत्तराखंड शासन के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पलायन रोकथाम और सीमांत क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर कमी न रह जाए।

मंगलवार काे मुख्य सचिव बर्धन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना (एमपीआरवाई) और मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम (एमबीएडीपी) की अनुवीक्षण समिति की बैठक हुई। उन्होंने कहा कि जनपदों से प्राप्त प्रस्तावों की अनुमोदन प्रक्रिया तेज़ की जाए और तय समयसीमा में सभी कार्य पूर्ण किए जाएं। इसके साथ ही पुराने क्रियान्वयन की समीक्षा कर योजनाओं से धरातली परिणाम सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

मुख्य सचिव ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में टारगेटेड अप्रोच और संसाधन-आधारित इंटरवेंशन अपनाना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन गांवों में एमपीआरवाई और एमबीएडीपी संचालित हैं,वे अन्य सीमांत गांवों के लिए प्रेरणादायी मॉडल बनें। साथ ही सीमांत गांवों में उपलब्ध संसाधनों और कमियों का वैज्ञानिक अध्ययन कर उसी अनुरूप योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाए।

पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी ने बताया कि योजनाओं का प्रभाव दिखाई दे रहा है, लेकिन बेहतर क्रियान्वयन की आवश्यकता है। वर्ष 2025-26 में एमपीआरवाई के अंतर्गत 12 जनपदों में 90 योजनाएं और एमबीएडीपी के अंतर्गत पांच सीमांत जनपदों के चिन्हित विकासखंडों में 155 योजनाएं प्रस्तावित हैं।

मुख्य सचिव ने दोनों योजनाओं की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए। एमपीआरवाई उत्तराखंड के 50 प्रतिशत तक पलायन-प्रभावित 474 गांवों में परिवारों, बेरोजगार युवाओं और रिवर्स माइग्रेंट्स को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए संचालित है। एमबीएडीपी के माध्यम से पांच सीमांत जनपदों के विकासखंडों में सतत आजीविका और स्वरोजगार के संसाधन उपलब्ध कराकर पलायन रोकने और रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

बैठक में सचिव सचिन कुर्वे,डी.एस.गब्रियाल,विशेष सचिव निवेदिता कुकरेती,अपर सचिव अनुराधा पाल,झरना कमठान और हॉफ वन विभाग के रंजन कुमार मिश्र सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Rakesh Kumar Bhatt

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