हिंदी पत्रकारिता ने स्वतंत्रता और राष्ट्र निर्माण में निभाई अहम भूमिका : राज्यपाल
उत्तराखंड(हरिद्वार),बुधवार 04 फरवरी 2026
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता सामाजिक सुधार, समाज की आत्मा का दर्पण, वंचितों की आवाज और लोकतंत्र की आत्मा है। सामाजिक चेतना, जीवन मूल्य, सिद्धांतों और राष्ट्र की प्रगति में हिंदी पत्रकारिता ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
बुधवार को भारत सेवाश्रम सभागार में राज्यपाल ने हिंदी पत्रकारिता द्वि-शताब्दी समारोह के द्वितीय चरण में प्रेस क्लब की ओर से आयोजित संगोष्ठी ‘आजादी के बाद राष्ट्र पुनर्निर्माण में हिंदी पत्रकारिता’ को संबोधित कर रहे थे।। समारोह में सरस्वती विद्या मंदिर,मायापुर की छात्राओं की ओर से राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया।
उन्होंने पत्रकारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए वेलफेयर सेंटर स्थापित करने,प्रतियोगिताओं में पत्रकारों के बच्चों को शामिल करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रेस क्लब को तीन माह के भीतर ठोस प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
संगोष्ठी के मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार निर्मल पाठक ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता 200 वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि अंग्रेजों की हुकूमत में हिंदी अखबारों ने सामाजिक चेतना जगाई और स्वतंत्रता संग्राम को धार दी। उन्होंने कहा कि आज भी देश की आधी आबादी हिंदी का प्रयोग करती है,इसलिए हिंदी पत्रकारिता और अखबारों की लोकप्रियता कायम है।
प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी ने अतिथियों का स्वागत किया और बताया कि यह द्वितीय चरण पंच-चरणीय शताब्दी समारोह का हिस्सा है। संयोजक प्रदीप जोशी ने हिंदी के पहले समाचार पत्र के प्रकाशन का इतिहास साझा किया। वरिष्ठ पत्रकारों ने राज्यपाल और मुख्य वक्ताओं का गंगा जल एवं स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया।
कार्यक्रम का संचालन प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष संजय आर्य ने किया,जबकि अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शन महासचिव दीपक मिश्रा ने किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार सुनील दत्त पांडे,डॉ.रजनीकांत शुक्ल,कौशल सिखोला,आदेश त्यागी,गोपाल रावत,शिवशंकर जायसवाल,हिमांशु द्विवेदी,शिवा अग्रवाल,अविक्षित रमन,रामचंद्र कनौजिया और राहुल वर्मा ने राज्यपाल और अन्य अतिथियों का गंगा जल और स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया।