राज्य में यूसीसी लागू होने से महिलाओं के अधिकारों में नया अध्याय शुरू हुआ : मुख्यमंत्री - Shaurya Mail

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राज्य में यूसीसी लागू होने से महिलाओं के अधिकारों में नया अध्याय शुरू हुआ : मुख्यमंत्री

 राज्य में यूसीसी लागू होने से महिलाओं के अधिकारों में नया अध्याय शुरू हुआ : मुख्यमंत्री

उत्तराखंड(देहरादून),मंगलवार 27 जनवरी 2026

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने से महिला सशक्तिकरण का नया युग शुरू हुआ है। यह कानून किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि समाज से कुप्रथाओं को हटाकर हर नागरिक के लिए न्याय और समान अधिकार सुनिश्चित करने वाला है।

मुख्यमंत्री धामी मंगलवार को गढ़ी कैंट के हिमालयन कल्चरल सेंटर में आयोजित प्रथम समान नागरिक संहिता (यूसीसी) दिवस पर एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस माैके पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह दिन उत्तराखंड के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा, क्योंकि इसी दिन राज्य में समान नागरिक संहिता लागू हुई। जिससे समाज में सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों की स्थापना हुई। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति सदैव समानता और समरसता की संवाहक रही है। उन्हाेंने कहा कि यह कानून किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि मुस्लिम महिलाओं को हलाला, बहुविवाह, बाल विवाह और तीन तलाक जैसी कुरीतियों से मुक्त कर समानता की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। यह हर नागरिक के लिए न्याय और समान अधिकार सुनिश्चित करने वाला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान निर्माताओं, विशेषकर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर, ने समान नागरिक संहिता को अनुच्छेद 44 के तहत राज्य नीति निर्देशक सिद्धांतों में शामिल किया था। वर्ष 2024 में विधेयक पारित होने के बाद 27 जनवरी, 2025 को उत्तराखंड में इसे लागू किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी लागू होने से महिला सशक्तिकरण के नए युग की शुरुआत हुई है। मुस्लिम महिलाओं को हलाला, बहुविवाह, बाल विवाह और तीन तलाक जैसी कुरीतियों से मुक्ति मिली है। उन्होंने कहा कि विवाह, विवाह-विच्छेद, उत्तराधिकार, संपत्ति बंटवारा और बाल अधिकारों के नियम सभी के लिए समान किए गए हैं। लिव-इन रिलेशनशिप के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है, जिसमें गोपनीयता सुनिश्चित की गई है और बच्चों को पूर्ण अधिकार दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि बीते एक वर्ष में राज्य सरकार ने यूसीसी के तहत लगभग 5 लाख आवेदन प्राप्त किए, जिनमें 95 प्रतिशत निस्तारित किए जा चुके हैं। विवाह पंजीकरण में औसतन वृद्धि हुई है और 30 प्रतिशत से अधिक ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत दंपतियों का पंजीकरण पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि हाल ही में संशोधन के तहत विवाह में धोखाधड़ी, बल, दबाव या विधि-विरुद्ध कृत्यों के लिए कठोर दंडात्मक प्रावधान सुनिश्चित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता समाज को जोड़ने वाला कदम है और इसे लेकर किसी धर्म विशेष के खिलाफ भ्रांतियां फैलाना अनुचित है।

इस अवसर पर उन्होंने यूसीसी के निर्माण, प्रभावी क्रियान्वयन और पंजीकरण में योगदान देने वाले अधिकारियों का सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में यूसीसी पर आधारित फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, सचिव गृह शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, यूसीसी समिति के सदस्य पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघन सिंह, दून विवि की वीसी प्रो सुरेखा डंगवाल, मनु गौड़, अजय मिश्रा, विशेष सचिव गृह निवेदिता कुकरेती एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

Rakesh Kumar Bhatt

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