दशलक्षण धर्म के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की पूजा - Shaurya Mail

Breaking News

दशलक्षण धर्म के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की पूजा

 दशलक्षण धर्म के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की पूजा

देहरादून, 27 सितंबर । दशलक्षण धर्म के आठवें दिन दिगंबर जैन पंचायती मंदिर और जैन भवन स्थित जैन मंदिर में भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा पर अभिषेक, नित्य नियम के साथ उत्तम त्याग धर्म की विधि-विधान से पूजा की गई। इस दौरान तप के बाद त्याग धर्म के महत्त्व को बताया गया। श्रद्धालुओं की ओर से प्रस्तुत भजनों से समस्त वातावरण भक्तिमय हो गया।

इस मौके पर पूज्य आनंदमति माताजी ने कहा कि आत्म स्वरूप में प्रवृति उत्तम त्याग धर्म है। सभी परद्रव्यों का मोह छोड़कर संसार देह और भोगों से विरक्त रहना ही उत्तम त्याग धर्म है। त्याग करने से मनुष्य के भीतर सरलता,अहिंसा और मोह का जाल कम हो जाता है। इससे प्राणी का जीवन स्वत: ही सुखमय बन जाता है।

प्रथम अभिषेक व शान्तिधारा करने का सौभाग्य विपिन जैन नितिन जैन को एवं पाण्डुकशिला पर भगवान का प्रथम कलश और शांतिधारा करने का सौभाग्य विपिन जैन अक्षत जैन व अतुल जैन को प्राप्त हुआ। शाम 7 बजे सभी जिन मंदिरो में श्री जी की महाआरती की गयी।

इसके पश्चात पूज्य आनंदमति माताजी एवं पूज्य क्षुल्लकरत्न समर्पण सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में रंगारंग संस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बबिता साक्षी जैन का उत्सव समिति की ओर से स्वागत किया गया।

दस लक्षण महापर्व पर सांध्यकालीन कार्यक्रमों की श्रृंखला में महावीर जैन कन्या पाठशाला के बच्चों द्वारा जम्बू स्वामी का वैराग्य धार्मिक लघु नाटिका का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधान विनय जैन, प्रबंधक ममलेश जैन, कोषाध्यक्ष नीरज जैन, प्रधानाचार्या श्वेता सिंह, मीडिया संयोजक मधु जैन, डा संजीव जैन आदि बड़ी संख्या में समाज के महानुभाव उपस्थित रहे।

Rakesh Kumar Bhatt

https://www.shauryamail.in

Related post

error: Content is protected !!