जोशीमठ पर भू-गर्भीय रिपोर्ट भ्रम फैलाने वालों के मुंह पर तमाचा : महेन्द्र भट्ट - Shaurya Mail

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जोशीमठ पर भू-गर्भीय रिपोर्ट भ्रम फैलाने वालों के मुंह पर तमाचा : महेन्द्र भट्ट

 जोशीमठ पर भू-गर्भीय रिपोर्ट भ्रम फैलाने वालों के मुंह पर तमाचा : महेन्द्र भट्ट

देहरादून। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ने जोशीमठ आपदा आधारित भू-गर्भीय रिपोर्ट पर संतुष्टि जताते हुए कहा कि आपदा के लिए विकास परियोजनाओं को जिम्मेदार ठहराने वाले राजनीतिक दलों के मुंह पर यह तमाचा है।

प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने विभिन्न माध्यमों से मीडिया से हुई बातचीत में कहा कि केंद्र और राज्य की अलग अलग विशेषज्ञ एजेंसियों की सामूहिक रिपोर्ट का हम सबको इंतजार था। हालांकि इससे पूर्व ही सीएम धामी के नेतृत्व में प्रभावित लोगों एवं क्षेत्रों में राहत और मुआवजे के कार्यों को प्रभावित पक्षों की सहमति से अंजाम दिया जा रहा है, लेकिन जोशीमठ को लेकर आपदा प्रबंधन की कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के लिए आपदा के वास्तविक वैज्ञानिक कारणों को जानना बेहद आवश्यक था। अब चूंकि केंद्र और राज्य के सभी शीर्ष वैज्ञानिक एजेंसियों की सामूहिक रिपोर्ट प्रदेश सरकार को मिली है, जिसमें आपदा के हालिया स्थिति के लिए प्रमुख कारण के रूप में शहर की धारण क्षमता और जमीन के अंदर रिस कर जा रहे सीवर एवं अन्य पानी को बताया गया है।

मुख्यमंत्री धामी ने आपदा के समय ही संभावनाओं के मद्देनजर राज्य के सभी शहरों की धारण क्षमता जांचने के लिए निर्देश पहले ही जारी कर दिये थे। उन्होंने कहा कि जो कल तक आपदा की आड़ में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी परियोजना को बंद करने की मुहिम चला रहे थे, यह रिपोर्ट उनके मुंह पर किसी तमाचे से कम नही है,लेकिन कांग्रेस, वामपंथी संगठन भाजपा विरोध में इतने आगे निकल गए कि वे देश की मजबूती के लिए बनाई जाने वाली परियोजनाओं को भी बंद कराने से पीछे नहीं हट रहे हैं। जोशीमठ आपदा की आड़ लेकर इन तमाम राजनैतिक दलों ने बिना किसी वैज्ञानिक तथ्यों, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से ऐसे सभी प्रोजेक्ट को बंद करने के लिए भ्रम फैलाया और आंदोलन भी किया।

सभी जानते हैं कि आल वेदर सड़क और ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल मार्ग निर्माण का हमारी सीमाओं की सुरक्षा के लिए कितना महत्वपूर्ण हैं। साथ ही वहां निर्माणाधीन पावर प्रोजेक्ट प्रदेश ही नहीं देश के लाखों घरों को रोशन करने की दृष्टि से बनाए जा रहे हैं। हालांकि स्थानीय राष्ट्रभक्त जनता ने उनकी मंशा को भांपते हुए उनका कभी साथ नहीं दिया और अब विस्तृत वैज्ञानिक रिपोर्ट सामने आने के बाद से तो इन सभी राजनीतिक दलों और अराजक तत्वों की कलई पूरी तरह से खुल गयी है।

Rakesh Kumar Bhatt

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