राजपथ पर तालियों की गड़गड़ाहट से हुआ उत्तराखंड की झांकी का स्वागत - Shaurya Mail

Breaking News

राजपथ पर तालियों की गड़गड़ाहट से हुआ उत्तराखंड की झांकी का स्वागत

 राजपथ पर तालियों की गड़गड़ाहट से हुआ उत्तराखंड की झांकी का स्वागत

राजपथ पर तालियों की गड़गड़ाहट से हुआ उत्तराखंड की झांकी का स्वागत

 

देहरादून। गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ, नई दिल्ली में उत्तराखण्ड राज्य की ओर से ’“प्रगति की और उत्तराखण्ड”’ की झांकी प्रदर्शित की गई। राजपथ पर जब उत्तराखण्ड राज्य की झांकी निकली तो तालियों की गड़गडाहट से लोगों ने स्वागत किया। उत्तराखण्ड सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक/झांकी के टीम लीडर के0एस0चौहान के नेतृत्व में 16 कलाकारों के दल ने भी झांकी में अपना प्रदर्शन किया।

 

उत्तराखण्ड राज्य की झांकी के अग्रभाग में हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा दिखाया गया है। हेमकुंड साहिब प्राचीन हेमकुंड झील के तट पर लगभग 4,329 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। सबसे पवित्र सिख तीर्थस्थलों में से एक, हेमकुंड साहिब में प्रत्येक वर्ष हजारों तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है। बर्फ से ढकी चोटियों से घिरा, गुरुद्वारा की सुरम्य प्रकृति और ट्रेक मार्ग, जिसमें फूलों की घाटी भी शामिल है, ट्रेकर्स और पर्यटकों के लिए भी एक लोकप्रिय आकर्षण हैं। ट्रेलर के आगे के हिस्से में डोबरा-चांठी ब्रिज को दिखाया गया है। 440 मीटर लंबा डोबरा-चांठी सस्पेंशन ब्रिज टिहरी गढ़वाल जिला मुख्यालय और प्रताप नगर के बीच लिंक जोड़ रहा है। टिहरी बांध भारत का सबसे ऊंचा बांध और दुनिया का चौथा सबसे ऊंचा बांध है। इसको झांकी के मध्य भाग में दिखाया गया है। बद्रीनाथ धाम भारत के चारधाम तीर्थ स्थलों में से एक है झांकी के अंतिम भाग में बद्रीनाथ मंदिर को दिखाया गया है। झांकी के किनारे वाले हिस्से में 12 हजार करोड़ की चारधाम ऑल वेदर रोड़ को दिखाया गया है। चारधाम राजमार्ग परियोजना में केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री के पवित्र हिंदू स्थलों में तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों को सुगम यातायात की सुविधा प्रदान की गई है।

Rakesh Kumar Bhatt

https://www.shauryamail.in

Related post

error: Content is protected !!